CG Modern History General Studies नमस्कार दोस्तों अगर आप भी छत्तीसगढ़ से जुड़ी CGPSC या CG Vyapam के कोई भी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं और उसमें छत्तीसगढ़ के आधुनिक इतिहास से जुड़ी प्रश्न पूछे जाते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए बेहतरीन मददगार साबित होगा क्योंकि यहां पर आपको CG Modern History General Studies के प्रश्नों को प्रेक्टिस करने में आसानी होगी।
साथ में यहां पर सभी प्रकार के प्रश्न कूट वाले प्रश्न और सही जोड़ी वाले प्रश्न सभी प्रश्न शामिल हैं जिससे आने वाले नए परीक्षा पैटर्न के आधार पर आप इस सवालों को प्रैक्टिस कर सकते हैं जो कि आपके लिए बेहतरीन मददगार साबित होगा।
यदि आप इन सवालों से प्रैक्टिस करते हैं तो आपको सभी प्रकार के कांसेप्ट क्लियर होंगे और आपका हर एक टॉपिक कर बार-बार रिवीजन हो जाएगा इसलिए यहां पर बार-बार आकर आपको हर दिन MCQ प्रैक्टिस करना होगा या इस प्रकार का ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को सॉल्व करना है जिससे यह कॉन्सेप्ट आपके दिमाग में हमेशा बना रहे और आपसे कोई परीक्षा में गलतियां ना हो।
CG Modern History General Studies
1. छत्तीसगढ़ में ‘अप्रत्यक्ष मराठा शासन’ (1741-1758 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस काल में रतनपुर शाखा पर रघुनाथ सिंह का शासन था।
- इस काल में रायपुर शाखा पर अमर सिंह का शासन था।
- मोहन सिंह ने रघुनाथ सिंह के बाद शासन किया।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: अप्रत्यक्ष मराठा शासन के दौरान, कलचुरी शाखाओं में रतनपुर पर रघुनाथ सिंह और मोहन सिंह का, तथा रायपुर पर अमर सिंह और शिवराज सिंह का शासन था।
2. ‘प्रत्यक्ष मराठा शासन’ (1758-1787 ई.) के दौरान नागपुर साम्राज्य के विभाजन में छत्तीसगढ़ क्षेत्र किसे प्राप्त हुआ था?
(a) जानोजी
(b) मूधोजी
(c) साबाजी
(d) बिम्बाजी भोंसले
Answer: (d) बिम्बाजी भोंसले Explanation: 14 फरवरी 1755 को रघुजी प्रथम की मृत्यु के बाद हुए समझौते में, नागपुर का क्षेत्र जानोजी को, चांदा मूधोजी को, बरार साबाजी को और छत्तीसगढ़ का क्षेत्र बिम्बाजी भोंसले (कनिष्ठ पुत्र) को मिला।
3. ‘बिम्बाजी भोंसले’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- वे छत्तीसगढ़ में प्रथम मराठा शासक थे।
- उनकी राजधानी रतनपुर थी, जो मराठों की छत्तीसगढ़ में प्रथम राजधानी थी।
- उन्होंने दशहरे में स्वर्ण पत्र देने की प्रथा प्रारंभ की।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: बिम्बाजी भोंसले 1758 ई. में सत्ता में आए और उन्होंने सीधे छत्तीसगढ़ से शासन किया। ये सभी कथन उनके शासनकाल से संबंधित हैं।
4. ‘आनंदीबाई’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): बिम्बाजी की मृत्यु के उपरांत आनंदीबाई ने 1787-1801 ई. में सत्ता की बागडोर संभाली।
कारण (R): उनका सूबेदार महिपतराव दिनकर के साथ सत्ता के लिए संघर्ष हुआ, और वे अपनी मृत्यु तक शासन चलाती रहीं।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। Explanation: आनंदीबाई ने न केवल सत्ता संभाली बल्कि सूबेदार के साथ संघर्ष भी किया और वस्तुतः वास्तविक शासन उन्हीं के हाथों में रहा, जिससे कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
5. बिम्बाजी भोंसले द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधारों और उनसे संबंधित प्रावधानों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (सुधार) | सूची-II (विवरण) |
| A. प्रशासनिक एकीकरण | 1. परगना पद्धति के सूत्रधार |
| B. न्यायालय | 2. रायपुर एवं रतनपुर का |
| C. परगना | 3. रतनपुर में स्थापना की |
कूट:
(a) A-2, B-3, C-1
(b) A-1, B-2, C-3
(c) A-3, B-1, C-2
(d) A-2, B-1, C-3
Answer: (a) A-2, B-3, C-1 Explanation: बिम्बाजी ने रायपुर और रतनपुर का प्रशासनिक एकीकरण किया, रतनपुर में नियमित न्यायालय की स्थापना की और परगना पद्धति के सूत्रधार बने।
6. बिम्बाजी भोंसले के शासनकाल के दौरान आए यूरोपीय यात्रियों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (यात्री) | सूची-II (वर्ष) |
| A. मि. मॉट | 1. 1778 |
| B. अलेक्जेंडर इलियट | 2. 1790 |
| C. मिस्टर लैंकी | 3. 1766 |
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3
(b) A-3, B-1, C-2
(c) A-2, B-3, C-1
(d) A-3, B-2, C-1
Answer: (b) A-3, B-1, C-2 Explanation: मि. मॉट 1766 में, अलेक्जेंडर इलियट 1778 में (जिनकी मृत्यु 12 सितंबर 1778 को हुई) और मिस्टर लैंकी 1790 में छत्तीसगढ़ की यात्रा पर आए थे।
7. बिम्बाजी भोंसले के प्रमुख पदाधिकारियों और उनके विभागों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (पदाधिकारी) | सूची-II (विभाग) |
| A. घोड़ो महादेव | 1. राजस्व विभाग |
| B. रामचन्द्र बक्षी | 2. राज्य का प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी |
| C. कृष्णाजी मोहिते | 3. किला प्रमुख |
कूट:
(a) A-2, B-3, C-1
(b) A-1, B-2, C-3
(c) A-3, B-1, C-2
(d) A-2, B-1, C-3
Answer: (a) A-2, B-3, C-1 Explanation: घोड़ो महादेव राज्य के प्रमुख प्रशासक, रामचन्द्र बक्षी किला प्रमुख और कृष्णाजी मोहिते राजस्व विभाग के अधिकारी थे।
8. ‘बिम्बाजी भोंसले की प्रशासनिक नीति’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- उन्होंने स्वयं को छत्तीसगढ़ का स्वतंत्र शासक बना लिया था।
- वह राज्य का संपूर्ण लगान वसूल करता था और कोई भी भाग नागपुर में नहीं देता था।
- उन्होंने छत्तीसगढ़ में अपने सिक्के नहीं ढलवाए, वरन् नागपुरी रुपया प्रचलन में रखा।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: बिम्बाजी नागपुर राजा के सहायक के रूप में नियुक्त किए गए थे, तथापि उन्होंने स्वयं को स्वतंत्र शासक बना लिया और इन नीतियों का पालन किया।
9. बिम्बाजी भोंसले के समय किस जमींदारी से सर्वाधिक 30,100 रूपए टकोली (वार्षिक कर) वसूल किया जाता था?
(a) धमधा
(b) खैरागढ़
(c) कांकेर
(d) कोरबा
Answer: (b) खैरागढ़ Explanation: खैरागढ़ जमींदारी से सर्वाधिक टकोली वसूल की जाती थी, साथ ही वे 500 घुड़सवार सैनिक की मदद भी करते थे। 1768 में बिम्बाजी ने खैरागढ़ पर आक्रमण भी किया था.
10. ‘चिमणाजी भोंसले’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- वे बिम्बाजी भोंसले के दत्तक पुत्र थे।
- उन्हें आनंदी बाई द्वारा ‘सेना धुरंधर’ की उपाधि दी गई थी।
- उन्होंने सिरपुर के गंधेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: चिमणाजी (उपनाम चिमनाबापू) 1787-1788 तक शासक रहे, लेकिन वास्तविक बागडोर आनंदीबाई के हाथों में थी।
11. ‘सूबा शासन व्यवस्था’ (1788-1818 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): इस प्रथा को जन्म देने का प्रमुख कारण मराठा शासकों का नागपुर में रहकर शासन व्यवस्था को संचालित करना था।
कारण (R): सूबेदार शासक नहीं होते थे अपितु मराठों के अधीन अधिकारी / प्रतिनिधि मात्र होते थे।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। Explanation: सूबेदारी व्यवस्था व्यंकोजी भोंसले द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य नागपुर की सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाए रखना था, और सूबेदार केवल प्रतिनिधि थे।
12. ‘सूबेदारों का क्रम’ (1788-1818 ई.) के लिए निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (सूबेदार) | सूची-II (शासनकाल) |
| A. महीपतराव दिनकर | 1. 1790-1796 ई. |
| B. विठ्ठलराव दिनकर | 2. 1796-1797 ई. |
| C. भवानी कालू | 3. 1788-1790 ई. |
| D. केशव गोविंद | 4. 1797-1808 ई. |
कूट:
(a) A-3, B-1, C-2, D-4
(b) A-1, B-2, C-3, D-4
(c) A-4, B-3, C-2, D-1
(d) A-2, B-4, C-1, D-3
Answer: (a) A-3, B-1, C-2, D-4 Explanation: यह सूबेदारों का सही क्रम और शासनकाल है। महिपतराव प्रथम और यादवराव दिवाकर अंतिम सूबेदार थे।
13. ‘विठ्ठलराव दिनकर’ (1790-1796 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): उन्होंने कल्चुरीकालीन 36 गढ़ों को 27 परगनों में विभाजित कर दिया।
कारण (R): उन्हें परगना पद्धति का जन्मदाता माना जाता है।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। Explanation: विठ्ठलराव दिनकर ने ही परगना पद्धति की शुरुआत की, इसलिए उन्होंने गढ़ों को परगनों में पुनर्गठित किया, कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
14. ‘पिंडारी आक्रमण’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- पिंडारियों का प्रथम आक्रमण केशव गोविंद के शासनकाल में हुआ था।
- बिकाजी गोपाल के समय पिंडारियों की गतिविधियां अपने चरम सीमा पर थी।
- छत्तीसगढ़ में पिंडारियों का अंत 1818 में यादवराव दिवाकर के शासनकाल में हुआ।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: पिंडारियों का प्रभाव 1806-1810 ई. तक छत्तीसगढ़ में रहा। ये सभी कथन पिंडारियों के संबंध में सही हैं।
15. ‘ब्रिटिश नियंत्रण काल’ (1818-1830 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस काल को आंग्ल-मराठा शासन या अंग्रेजों के अधीन मराठा शासन भी कहते हैं।
- इस अवधि में छत्तीसगढ़ में प्रशासन के लिए 06 ब्रिटिश अधीक्षक नियुक्त किए गए।
- नियुक्त अधीक्षकों को नागपुर के रेसिडेंट के अधीन कार्य करना पड़ता था।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: ये सभी कथन ब्रिटिश नियंत्रण काल के संबंध में सही हैं, जो अप्पासाहेब को पदच्युत करने के बाद स्थापित हुआ था।
16. ‘कैप्टन एडमंड’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- वे छत्तीसगढ़ में नियुक्त प्रथम ब्रिटिश सुपरिंटेंडेंट थे।
- उनकी राजधानी रायपुर थी।
- उनके कार्यकाल में 1818 में डोंगरगढ़ के जमींदार का विद्रोह हुआ था।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (c) केवल 1 और 3 सही हैं Explanation: कैप्टन एडमंड की राजधानी रतनपुर थी, जिसे बाद में कैप्टन एगेन्यू ने रायपुर स्थानांतरित किया। डोंगरगढ़ विद्रोह अप्पासाहेब से प्रेरित था।
17. ‘कैप्टन पी. वान्स एगेन्यू’ (1818-1825 ई.) द्वारा किए गए प्रशासनिक कार्यों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (कार्य) | सूची-II (विवरण) |
| A. राजधानी परिवर्तन | 1. 27 परगनों को 8 परगनों में सीमित किया |
| B. परगनों का पुनर्गठन | 2. रतनपुर से रायपुर |
| C. भू-राजस्व सुधार | 3. लगान को 3 किस्तों में वसूल करना |
कूट:
(a) A-2, B-1, C-3
(b) A-1, B-2, C-3
(c) A-3, B-1, C-2
(d) A-2, B-1, C-3
Answer: (a) A-2, B-1, C-3 Explanation: कैप्टन एगेन्यू ने प्रशासनिक ढांचे का पुनर्गठन किया, जिसमें राजधानी परिवर्तन, परगनों का पुनर्गठन और भू-राजस्व सुधार शामिल थे। उन्होंने पटेल का पद समाप्त कर दिया और गौटिया पद को यथावत रखा।
18. ‘पुनः मराठा शासन’ (1830-1854 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- यह शासनकाल रघुजी तृतीय की अवयस्कता समाप्त होने तक था।
- इस अवधि में छत्तीसगढ़ में 08 जिलेदारों की नियुक्ति की गई।
- कृष्णराव अप्पा प्रथम जिलेदार थे और गोपालराव अप्पा अंतिम जिलेदार थे।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: जब रघुजी तृतीय वयस्क हुए (44 वर्ष की आयु), तो अंग्रेजों ने शासन पुनः मराठों को सौंप दिया। ये सभी कथन पुनः मराठा शासनकाल के बारे में सही हैं।
19. ‘प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन’ (1854-1947 ई.) की शुरुआत कब हुई थी?
(a) 13 मार्च 1854
(b) 1858
(c) 1862
(d) 1905
Answer: (a) 13 मार्च 1854 Explanation: 13 मार्च 1854 को लॉर्ड डलहौजी द्वारा ‘हड़प नीति’ (Doctrine of Lapse) के तहत छत्तीसगढ़ को ब्रिटिश साम्राज्य में सम्मिलित कर लिया गया।
20. किस शासक के शासनकाल में संबलपुर रियासत को जीतकर छत्तीसगढ़ में शामिल किया गया, जो 1905 तक छत्तीसगढ़ का हिस्सा रहा?
(a) बिम्बाजी भोंसले
(b) चिमणाजी भोंसले
(c) व्यंकोजी भोंसले
(d) अप्पासाहेब भोंसले
Answer: (c) व्यंकोजी भोंसले Explanation: व्यंकोजी भोंसले (1788-1811 ई.) के शासनकाल में सेनापति रामचन्द्र बाघ ने 1808 ई. में संबलपुर पर अधिकार कर छत्तीसगढ़ में शामिल कर लिया। 1905 में बंगाल विभाजन के दौरान इसे ओडिशा क्षेत्र को हस्तांतरित किया गया।
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