Modern History Class Pdf Notes नमस्कार यदि आप आधुनिक भारत के इतिहास को समझना चाहते है और पढ़ रहें हैं तो आपके पास आज उपनाम, कथन और पुस्तकें का टॉपिक मिलने वाला ये भी आधुनिक भारत के इतिहास के महत्वपूर्ण भाग है।
यहाँ पर सभी प्रश्नों को डिटेल से एक्सप्लेन किया गया है ताकि आपकी कांसेप्ट मजबूत हो जाये और कोई भी भाग छूटे नहीं परीक्षा से पहले अक्सर हमें वस्तुनिष्ट प्रश्न और मॉक टेस्ट देना अनिवार्य होता है ताकि आपकी समझ और योग्यता की जांच की जा सके।
इन प्रश्नों को देखिये ये सभी प्रश्न अगल – अलग परीक्षा में पूछे गए हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है इसप्रकार से यदि आप लगातार प्रश्रों देखते हैं तो आने वाले सभी एग्जाम में बेहतर कर पाएंगे।
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1.”वर्षों पहले हमने नियति के साथ एक वादा किया था और अब वह वादा पूरा करने का समय आ गया है….” ये शब्द 14 अगस्त, 1947 की रात को किसने कहे थे ?
(a) डॉ. बी. आर. अंबेडकर
(b) सी. राजगोपालाचारी
(c) जवाहरलाल नेहरू
(d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर-(c) उपर्युक्त प्रसिद्ध कथन 14 अगस्त, 1947 की आधी रात को जवाहरलाल नेहरू के “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” (Tryst with destiny) भाषण का एक अंश है।
2.’द इंडियन वार ऑफ इंडिपेंडेंस’ नामक पुस्तक के लेखक कौन थे?
(a) कृष्ण वर्मा
(b) मैडम कामा
(c) बी.जी. तिलक
(d) वी.डी. सावरकर
उत्तर-(d) ‘द इंडियन वार ऑफ इंडिपेंडेंस’ नामक पुस्तक के लेखक वी. डी. सावरकर थे।
3.किसने कहा था “स्वाद का वास्तविक स्थान जिह्वा नहीं, बल्कि मन है”?
(a) अरविंद घोष
(b) महात्मा गांधी
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) स्वामी विवेकानंद
उत्तर-(b) यह कथन महात्मा गांधी से संबंधित है।
4.यह विचार किसने विकसित किया था कि “साधन ही उद्देश्यों का औचित्य बनाते हैं”?
(a) कौटिल्य
(b) राजा राममोहन राय
(c) स्वामी दयानंद सरस्वती
(d) महात्मा गांधी
उत्तर-(d) यह प्रसिद्ध कथन महात्मा गांधी का है।
5.किसने कहा था, “सत्य परम तत्व है और वह ईश्वर है”?
(a) स्वामी विवेकानंद
(c) मो.क. गांधी
(b) रवींद्र नाथ टैगोर
(d) राधाकृष्णन
उत्तर-(c) ‘सत्य और अहिंसा’ गांधीजी का मूल मंत्र था। गांधीजी अहिंसा को साधन तथा सत्य को साध्य मानते थे। गांधीजी का मानना था कि सत्य अमर है और कभी मर नहीं सकता। गांधीजी ने लिखा है- “सत्य के अतिरिक्त मेरा अन्य कोई ईश्वर नहीं है। जिसकी मैं सेवा करूं। सिवाय सत्य के, मैं अन्य किसी की भक्ति नहीं करता और न ही किसी अन्य का अनुशासन मानता”।
6.किसे ‘भारतीय बिस्मार्क’ के रूप में जाना जाता है?
(a) वल्लभभाई पटेल
(b) सुभाषचंद्र बोस
(c) भगत सिंह
(d) बाल गंगाधर तिलक
उत्तर-(a) जिस प्रकार बिस्मार्क द्वारा जर्मनी का एकीकरण किया गया था उसी प्रकार सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा भारतीय रियासतों का भारत में सम्मिलन किए जाने के कारण उन्हें ‘भारतीय बिस्मार्क’ के रूप में जाना जाता है।
7.निम्नलिखित कांग्रेसी नेताओं में से किसको ‘महान वृद्ध पुरुष’ कहा जाता था?
(a) महात्मा गांधी
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) मदन मोहन मालवीय
उत्तर-(b) दादाभाई नौरोजी को ‘महान वृद्ध पुरुष’ (ग्रैंड ओल्डमैन ऑफ इंडिया) कहा जाता है। यह प्रथम भारतीय थे जिन्हें 1892 ई. में उदारवादी दल की ओर से ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स का सदस्य चुना गया। इन्होंने ही सर्वप्रथम भारत में राष्ट्रीय आय के आंकड़ों की गणना करने का प्रयास किया। इन्होंने रहनुमाई मजदयासन सभा तथा ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना की तथा 1867-68 ई. में अपनी रचना ‘पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ में ‘धन का अपवाहन’ (Drain of Wealth) सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया कि किस प्रकार भारतीय धन ब्रिटेन द्वारा लूटा जा रहा था।
8.भारत का दादा (ग्रैंड ओल्ड मैन) किसे कहा जाता है?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) महात्मा गांधी
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) दादाभाई नौरोजी
उत्तर-(d)
9.भारत के सम्मानीय बुजुर्ग (दादाजी) के नाम से कौन विख्यात है?
(a) दादाभाई नौरोजी
(b) मदन मोहन मालवीय
(c) महादेव गोविंद रानाडे
(d) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
उत्तर-(a)
10.भारत में राष्ट्रीय आय का आकलन सबसे पहले किसने किया था?
(a) महालनोबीस
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) वी.के.आर.वी. राव
(d) सरदार पटेल
उत्तर-(b)
11.ब्रिटिश संसद का सदस्य बनने वाला पहता भारतीय कौन था?
(a) बंकिम चंद्र चटर्जी
(b) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
(c) दादाभाई नौरोजी
(d) उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
उत्तर-(c)
12.’ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स’ में चुना जाने वाला पहला भारतीय कौन था?
(a) लॉर्ड सिन्हा
(b) एस.एन. टैगोर
(c) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
(d) दादाभाई नौरोजी
उत्तर-(d)
13.भारत से ब्रिटेन की ओर ‘संपत्ति के अपवहन’ (Drain of Wealth) का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया था?
(a) गोपाल कृष्ण गोखले
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
(d) लाला लाजपत राय
उत्तर-(b)
14.ब्रिटिश साम्राज्यवाद के दौरान ‘भारत का आर्थिक अपवाह’ का सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था?
(a) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) गांधीजी
उत्तर-(b)
15.गांधी को माना जाता है-
(a) दार्शनिक अराजकतावादी
(c) मार्क्सवादी
(b) मूल अराजकतावादी
(d) फ़ेबियनवादी
उत्तर-(a) गांधीजी को एक दार्शनिक अराजकतावादी माना जाता है क्योंकि वे राज्य विहीन लोकतंत्र को अपना आदर्श मानते थे। उनका कहना था कि इस प्रकार के राज्य में प्रत्येक व्यक्ति स्वयं अपना शासक है। उनके आदर्श राज्य में राजनीतिक शक्ति नहीं होगी क्योंकि राज्य ही नहीं होगा। वे चाहते थे कि जो सुधार हो सब भीतर से हो। वे नहीं चाहते थे कि किसी बाहरी शक्ति द्वारा सुधार लाए जाएं।
16.जब महात्मा गांधी की हत्या हुई तब किसने कहा था, “कोई विश्वास नहीं करेगा कि ऐसे शरीर और आत्मा वाला कोई आदमी कभी इस धरती पर चला था”?
(a) बट्रेंड रसेल
(c) अल्बर्ट आइंस्टीन
(b) लिओ टॉल्सटॉय
(d) खान अब्दुल गफ्फार खान
उत्तर-(c) उपर्युक्त प्रसिद्ध कथन अल्बर्ट आइंस्टीन का है।
17.महात्मा गांधी ‘अर्द्धनग्न फकीर’ हैं, यह उक्ति किसने कही थी?
(a) विंस्टन चर्चिल
(b) लॉर्ड माउंटबेटन
(c) लॉर्ड वेवेल
(d) लॉर्ड लिनलिथगो
उत्तर-(a) महात्मा गांधी ‘अर्द्धनग्न फकीर’ हैं, यह उक्ति विंस्टन चर्चिल की थी।
18.’करेंगे या मरेंगे’- गांधीजी ने राष्ट्र को यह मंत्र किस जन-आंदोलन के अवसर पर दिया था?
(a) रौलेट सत्याग्रह
(b) नमक सत्याग्रह
(c) भारत छोड़ो आंदोलन
(d) असहयोग आंदोलन
उत्तर-(c) ‘करेंगे या मरेंगे (करो या मरो) का प्रसिद्ध नारा गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन के अवसर पर दिया था। यह अगस्त, 1942 में प्रारंभ किया गया था।
19.’करो या मरो’ का नारा किसने दिया था?
(a) भगत सिंह
(b) सुभाष चंद्र बोस
(c) जवाहरलाल नेहरू
(d) महात्मा गांधी
उत्तर-(d)

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