Modern History One Shot नमस्कार दोस्तों आज आधुनिक भारत के इतिहास का यहां पर Notes दिया गया है इसका क्लास यदि नहीं देखेंगे तो देखकर आप यहां से आसानी से Notes प्राप्त कर सकते हैं 1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के बाद भारत की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया। मुगल साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर होने लगा और केंद्रीय सत्ता का प्रभाव कम हो गया। इस स्थिति को इतिहास में Strategic Vacuum यानी राजनीतिक शून्यता कहा जाता है। जब केंद्र कमजोर होता है तो क्षेत्रीय शक्तियाँ मजबूत होने लगती हैं।
औरंगजेब के बाद मुगल शासकों में पहले जैसी क्षमता और नेतृत्व नहीं था। परिणाम यह हुआ कि अलग-अलग क्षेत्रों में नए राज्य बनने लगे। दूसरी तरफ यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ भारत में व्यापार करने आईं और धीरे-धीरे उन्होंने राजनीतिक हस्तक्षेप शुरू कर दिया। यही प्रक्रिया आगे चलकर ब्रिटिश शासन की नींव बनी।
यह समय मुगल साम्राज्य के पतन और ब्रिटिश शक्ति के उदय के बीच का संक्रमण काल माना जाता है।
उत्तरकालीन मुगल सम्राट Modern History One Shot
औरंगजेब के बाद मुगल साम्राज्य के कई शासक आए, लेकिन उनमें से अधिकतर कमजोर साबित हुए। इस दौर में सैय्यद बंधु जैसे शक्तिशाली दरबारी किंगमेकर बन गए थे और वे ही कई बार सम्राट बनाने और हटाने का काम करते थे।
उत्तरकालीन मुगल सम्राटों को याद रखने के लिए एक आसान मेमोरी ट्रिक है
Bhaji Sabji For Maa-Saab
B – बहादुरशाह प्रथम
J – जहांदार शाह
F – फर्रुखसियर
R – रफी-उद-दरजात और रफी-उद-दौला
M – मुहम्मद शाह
A – अहमद शाह
A – आलमगीर द्वितीय
S – शाह आलम द्वितीय
A – अकबर द्वितीय
B – बहादुरशाह जफर
पतन की शुरुआत
बहादुरशाह प्रथम (1707–1712)
बहादुरशाह प्रथम औरंगजेब का पुत्र था और लगभग 63 वर्ष की उम्र में गद्दी पर बैठा। इसे शाह-ए-बेखबर कहा जाता था। उसने सिखों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की और गुरु गोविन्द सिंह का समर्थन प्राप्त किया। लेकिन वह मुगल साम्राज्य को पहले जैसा मजबूत नहीं बना सका।
जहांदार शाह (1712–1713)
जहांदार शाह को जुल्फिकार खान की मदद से सत्ता मिली थी। इसलिए वह दरबारी राजनीति पर ज्यादा निर्भर था। उसे लम्पट और कमजोर शासक माना जाता है। उसके समय इजारा प्रथा लागू की गई जिसमें भू-राजस्व की नीलामी की जाती थी। उसने जजिया कर को भी समाप्त कर दिया था।
मुगल संप्रभुता का क्षरण
फर्रुखसियर (1713–1719)
फर्रुखसियर का शासनकाल मुगल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। 1717 में उसने अंग्रेजों को एक शाही फरमान दिया जिसे अंग्रेजी व्यापार का Magna Carta कहा जाता है। इस फरमान के कारण अंग्रेजों को कई प्रकार के व्यापारिक करों से छूट मिल गई और उन्हें भारतीय व्यापारियों के मुकाबले बड़ा लाभ मिल गया।
अल्पकालिक सम्राट
फर्रुखसियर के बाद रफी-उद-दरजात और रफी-उद-दौला जैसे शासक आए जिनका शासन बहुत ही कम समय तक चला। ये पूरी तरह सैय्यद बंधुओं के नियंत्रण में थे।
मुहम्मद शाह (1719–1748)
मुहम्मद शाह को रंगीला कहा जाता था क्योंकि उसे कला, संगीत और विलासिता पसंद थी। उसके समय 1739 में ईरान के शासक नादिरशाह ने भारत पर आक्रमण किया। उसने दिल्ली को लूटा और तख्त-ए-ताऊस तथा कोहिनूर हीरा अपने साथ ले गया। इस घटना ने मुगल साम्राज्य की कमजोरी पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दी।
स्वतंत्र राज्यों का उदय
मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के बाद कई स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ। ये राज्य आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत थे लेकिन उनके बीच एकता नहीं थी। इसी कमजोरी का फायदा अंग्रेजों ने बाद में उठाया।
मुख्य स्वतंत्र राज्य इस प्रकार थे
अवध
संस्थापक सआदत खाँ थे जिन्हें बुरहान-उल-मुल्क की उपाधि मिली थी।
हैदराबाद
इस राज्य की स्थापना चिनकिलिच खाँ ने की थी जिन्हें निजाम-उल-मुल्क कहा जाता था। 1724 में यह राज्य स्थापित हुआ।
रुहेलखंड
इस क्षेत्र में अफगान शक्ति का उदय हुआ। वीर दाऊद और अली मुहम्मद इसके प्रमुख नेता थे।
बंगाल
मुर्शिदकुली खाँ ने बंगाल में एक शक्तिशाली और आर्थिक रूप से समृद्ध राज्य की स्थापना की।
अहमद शाह के समय अहमद शाह अब्दाली ने भारत पर आठ बार आक्रमण किया जिससे मुगल साम्राज्य की स्थिति और कमजोर हो गई।
अंतिम मुगल सम्राट और औपनिवेशिक प्रभाव
समय के साथ मुगल सम्राट केवल नाममात्र के शासक रह गए। असली शक्ति पहले मराठों और बाद में अंग्रेजों के हाथ में चली गई।
शाह आलम द्वितीय
इसके समय दो महत्वपूर्ण युद्ध हुए
पानीपत का तीसरा युद्ध 1761
बक्सर का युद्ध 1764
1765 से 1772 तक शाह आलम द्वितीय अंग्रेजों का पेंशनभोगी बनकर रहा।
अकबर द्वितीय
अकबर द्वितीय ने समाज सुधारक राजा राममोहन राय को राजा की उपाधि दी और उन्हें इंग्लैंड भेजा ताकि उसकी पेंशन बढ़ाई जा सके।
बहादुरशाह जफर
बहादुरशाह जफर अंतिम मुगल सम्राट थे। 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर रंगून भेज दिया। इसके साथ ही मुगल साम्राज्य का अंत हो गया।
यूरोपीय कंपनियों का भारत आगमन
यूरोपीय शक्तियाँ मूल रूप से व्यापार के उद्देश्य से भारत आई थीं। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भारतीय राजनीति में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया।
भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन का क्रम इस प्रकार है
पुर्तगाली 1498
वास्को-डि-गामा सबसे पहले कालीकट पहुँचा। 1503 में कोचीन में पहली फैक्ट्री स्थापित की गई।
अंग्रेज 1600
ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई। 1611 में मसूलीपट्टनम में पहली फैक्ट्री स्थापित की गई। भारत आने वाला पहला अंग्रेजी जहाज रेड ड्रैगन था।
डच 1602
इनकी पहली फैक्ट्री 1605 में मसूलीपट्टनम में बनी। 1759 के बेदरा के युद्ध में अंग्रेजों से हारने के बाद इनका प्रभाव समाप्त हो गया।
डेनिश 1616
इनकी पहली फैक्ट्री 1620 में ट्रावणकोर में स्थापित हुई।
फ्रांसीसी 1664
इनकी पहली फैक्ट्री 1668 में सूरत में स्थापित हुई।
1632 में गोलकुंडा के सुल्तान ने अंग्रेजों को Golden Farman जारी किया था जिससे उन्हें व्यापार में विशेष सुविधाएँ मिलीं।
आंग्ल-फ्रांसीसी संघर्ष और कर्नाटक युद्ध
भारत में अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच प्रभुत्व के लिए कई युद्ध हुए जिन्हें कर्नाटक युद्ध कहा जाता है।
प्रथम कर्नाटक युद्ध 1746 से 1748
यह यूरोप के ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध का विस्तार था। इसका अंत ए-ला-शापेल की संधि से हुआ।
द्वितीय कर्नाटक युद्ध 1749 से 1754
यह हैदराबाद और कर्नाटक के सिंहासन के विवाद से जुड़ा हुआ था।
तृतीय कर्नाटक युद्ध 1756 से 1763
इसका अंत पेरिस की संधि से हुआ।
1760 में वांडिवाश के युद्ध में अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को निर्णायक रूप से हरा दिया। इसके बाद भारत में फ्रांसीसी शक्ति लगभग समाप्त हो गई।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
किस मुगल सम्राट को शाह-ए-बेखबर कहा जाता था
उत्तर
बहादुरशाह प्रथम
प्रश्न 2
भारत आने वाला पहला अंग्रेजी जहाज कौन सा था
उत्तर
रेड ड्रैगन
प्रश्न 3
1632 में अंग्रेजों को Golden Farman किस सुल्तान ने दिया था
उत्तर
गोलकुंडा के सुल्तान ने
प्रश्न 4
रंगीला बादशाह के समय किस विदेशी आक्रमणकारी ने कोहिनूर हीरा लूटा
उत्तर
नादिरशाह
प्रश्न 5
बेदरा का युद्ध 1759 किन दो शक्तियों के बीच हुआ था
उत्तर
अंग्रेज और डच
प्रश्न 6
राजा राममोहन राय को राजा की उपाधि किस मुगल सम्राट ने दी थी
उत्तर
अकबर द्वितीय
प्रश्न 7
पांडिचेरी की स्थापना किसने की थी
उत्तर
फ्रांस्वा मार्टिन
प्रश्न 8
अहमद शाह अब्दाली ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया
उत्तर
आठ बार
प्रश्न 9
1717 के शाही फरमान को ब्रिटिश व्यापार का Magna Carta किसने कहा
उत्तर
ओर्म्स
प्रश्न 10
वांडिवाश के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व किसने किया था
उत्तर
सर आयरकूट
निष्कर्ष Modern History One Shot
औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य तेजी से कमजोर हुआ। आंतरिक संघर्ष, कमजोर नेतृत्व और क्षेत्रीय शक्तियों के उदय ने केंद्रीय सत्ता को खत्म कर दिया। इसी समय यूरोपीय कंपनियाँ भारत में व्यापार के बहाने आईं और धीरे-धीरे उन्होंने राजनीतिक शक्ति हासिल कर ली।
कर्नाटक युद्ध और बक्सर के युद्ध जैसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की सत्ता अब धीरे-धीरे अंग्रेजों के हाथ में जा रही है। यही प्रक्रिया आगे चलकर ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की स्थापना का कारण बनी।
